नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा ने मंगलवार को विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान हुए अतिरिक्त सरकारी खर्च को भारत की संचित निधि (कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया) से अधिकृत करने से संबंधित है।
मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण कई बार बाधित हुई। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इनमें राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
लगातार हंगामे और गतिरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अब लोकसभा की बैठक बुधवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी। इससे एक दिन पहले सोमवार को भी लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक को पारित कर दिया था।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही में रुकावट पैदा कर रहा है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संसद में जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं और इससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विषय उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक विवाद और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है।
विपक्षी दल इन मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों पर कथित "फायरिंग" के मामले को भी संसद में उठाते रहे हैं। संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध के चलते महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है, जबकि सरकार और विपक्ष के बीच टकराव फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।