वक्फ की लूट पर कभी नहीं बोले: योगी आदित्यनाथ
- मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ में किया 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित दान चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का मुंह वक्फ की जमीन में हुए हजारों करोड़ के घोटाले पर क्यों नहीं खुलता। ये लोग एक घटना को पकड़ कर हिन्दू आस्था को अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं। जबकि उस पूरे प्रकरण के एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हो रही है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को युवाओं को रोजगार मिलना अच्छा नहीं लगता है। क्योंकि यह नौजवान जब कार्य करेंगे तो जातिवादी राजनीति समाप्त होगी। विपक्ष फिर से जाति के आधार पर समाज के ताने-बाने को बांटना चाहता है। छिन्न-भिन्न करना चाहता। हमें इससे ऊपर उठना होगा।
उन्होंने कहा कि यह लोग किस-किस प्रकार के मुद्दे को लेकर आते हैं। कोई मुद्दा नया नहीं होता है। जाति के नाम पर विभाजन या फिर आस्था पर प्रहार इनका मुद्दा होता है। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ दिनों से उनके द्वारा भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करने की कितनी साजिश हो रही है। किस प्रकार की बयानबाजी की जा रही है। याद करिए जब कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं। कांग्रेस कहती थी कि कृष्णा हुए ही नहीं। अयोध्या में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बाबरी ढांचे का समर्थन करके उसके लिए घड़ियाल आंसू बहा रही थीं। आज वही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गिरगिट की तरह कैसे रंग बदली है, आप लोग सब देख रहे होंगे।
योगी ने कहा कि अब वह (सपा और कांग्रेस) कह रहे हैं कि अयोध्या में आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है। आस्था के साथ कौन खिलवाड़ हो रहा है। बताओ पहले, तुम्हारी आस्था अयोध्या पर कब से हो गई। जनसमूह की ओर इशारा करते हुए बोले कि इनके पूर्वजों ने अयोध्या के लिए लड़ाई लड़ी है। यह बोल सकते हैं, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस और सपा ने तो राम के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर दिया था और आज वह कौन आस्था की बात कर रही हैं। वे धार्मिक हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल पर खर्च कर देते थे। वह लोग कौन सी आस्था की बात कर रहे हैं। यही प्रश्न आप लोगों को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से करना चाहिए। उनसे पूछना चाहिए कि जब तुम्हारी सरकार थी तो रामभक्तों पर गोली चलवाते थे, जय श्री राम बोलने पर लाठी डंडा चलाते थे, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक बोलती थी कि राम हुए ही नहीं, यह कांग्रेस कहां थी। देश की सबसे बड़ी, सबसे प्राचीन पार्टी उस समय इस प्रकार बात करती थी।
योगी ने कहा कि आज आप राम जी की पैड़ी में जाइए वहां पर लोग स्नान कर रहे हैं। कितनी सुंदरता है। आज की अयोध्या दुनिया को आकर्षित करती है। यही विपक्ष की पीड़ा है। इनके न चाहते हुए भी इतने लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। उनको इसकी चिंता है। कभी-कभी मुझे संदेह होता है। संदेह इस बात का होता है कि यह लोग एक घटना को किस तरह बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित करके आस्था पर प्रहार करने का काम कर रहे हैं। मैं सपा और कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि अयोध्या में जिस कथित चोरी पर तुम हिंदू आस्था पर खिलवाड़ कर रहे हो, एक भी बार बताओ वक्फ के नाम पर हुए घोटाले पर सवाल उठाए। हजारों हैकटेयर लैंड प्रदेश के अंदर और देश के अंदर बेची गई है। एक भी बार इस पर यह लोग नहीं बोले। यह जमीन गरीब की थी। कमजोर तबके के लोगों की थी। यह जमीन गरीबों के नाम पर पट्टा की जा सकती है। वहां पर कन्वेंशन सेंटर बनाया जा सकता था।
योगी ने कहा कि अयोध्या के बारे में तो उन्होंने पिछले दिनों ही कहा था कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी दूध का दूध पानी का पानी कर देगी। समिति की जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। जिनके खिलाफ साक्ष्य थे, उसके आधार पर कार्रवाई हो रही है।----------





