आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर बड़ा फैसला, 200 से अधिक की होगी नसबंदी

आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर बड़ा फैसला, 200 से अधिक की होगी नसबंदी

जगदलपुर। बस्तर के नक्सली संगठन में रहने के दौरान नक्सलियें द्वारा जिन युवाओं की नसबंदी कराई गई थी, उनके आत्मसमर्पण करने के बाद 200 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली नसबंदी खुलवाकर अब वे अपना परिवार बसाना चाहते हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने पिछले दिनों पुलिस के आला अधिकारियों के साथ पुनर्वास की समीक्षा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बस्तर पहुंचकर विशेष चिकित्सा शिविर में नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया करेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठनों में भर्ती होने वाले युवाओं की नसबंदी करा दी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा में लौटे कई युवक अब विवाह कर परिवार बसाना चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से नसबंदी खुलवाने में सहयोग मांगा है। सरकार इसे आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास का हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है। वर्तमान में नसबंदी खुलवाने आत्मसमर्पित 200 से अधिक पुर्नवासित युवक इच्छुक है। जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बस्तर पहुंच सकती है। इसके बाद शिविर लगाकर इच्छुक लोगों की चिकित्सकीय जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बस्तर के एसएसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि नसबंदी खुलवाने के मामले पहले भी सामने आए हैं। सुकमा सहित बस्तर के अन्य क्षेत्रों में शिविर लगाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया जा चुका है। यूरोलाजिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने बस्तर पहुंचकर करीब 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों की नसबंदी खोलने की प्रक्रिया की थी।

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