कोलकाता। राज्य में नए भाजपा-शासित पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है, इसके तहत एक साथ 17 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का तबादला किया गया है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए इस व्यापक बदलाव को राज्य में बड़े स्तर के नौकरशाही पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाना और जिला स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों को मजबूत करना है।
आदेश के मुताबिक, 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुजॉय सरकार को बिधाननगर नगर निगम के आयुक्त पद से स्थानांतरित कर वस्त्र एवं रेशम विभाग में आयुक्त तथा राज्य की सार्वजनिक उपक्रम ‘टांटुजा’ के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
उनकी जगह 2017 बैच के रवि अग्रवाल को बिधाननगर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है, जो पहले पुरुलिया जिले में एडीएम के पद पर कार्यरत थे।
इसी तरह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टेटस एडमिनिस्ट्रेशन में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हिंडोल दत्ता को आसनसोल नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।
कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मौजूदा सीईओ नितिन सिंघानिया को गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग में वरिष्ठ विशेष सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गई हैं।
2016 बैच के शेख अंसार अहमद को मालदा से पश्चिम मिदनापुर का एडीएम बनाया गया है। इसी तरह 2013 बैच के रजत नंदा को कैबिनेट सचिवालय और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
2016 बैच के धीमन बरई को पूर्व बर्दवान से तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में विशेष सचिव के रूप में स्थानांतरित किया गया है।
2017 बैच की प्रियदर्शिनी को हावड़ा से उपभोक्ता मामले विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
इसके अलावा कई अन्य एडीएम स्तर के अधिकारियों का भी तबादला किया गया है, जिनमें प्रशांत राज शुक्ला, सुमन सौरभ मोहंती, राजेष, लक्ष्मण पेरुमल, सिंजन शेखर, अर्चना वानखेड़े, मंजीत कुमार यादव, सौरव पांडे और एकम सिंह शामिल हैं।
इन सभी को अलग-अलग जिलों और पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो राज्य प्रशासनिक संरचना में व्यापक पुनर्संयोजन को दर्शाता है।





