नई दिल्ली : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया में संदिग्ध साइकोट्रोपिक पदार्थ (नशीला पदार्थ) जब्त किया है।
चेक-इन एरिया में सीआईडब्ल्यू टीम की रूटीन निगरानी और व्यवहार की जांच (बिहेवियरल प्रोफाइलिंग) के दौरान, शारजाह होते हुए अम्मान जाने वाले एक यात्री की पहचान उसके संदिग्ध व्यवहार के आधार पर की गई और उसे एक्स-बीआईएस गेट नंबर 05 पर रैंडम स्क्रीनिंग के लिए चुना गया। यात्री के सामान की स्क्रीनिंग के दौरान एक्स-बीआईएस मॉनिटर पर एक संदिग्ध तस्वीर दिखी, जिसके बाद सामान की बारीकी से शारीरिक जांच की जरूरत महसूस हुई।
अच्छी तरह जांच करने पर सामान में रखे नए कपड़ों के अंदर छिपाकर रखे गए कई पैकेट मिले, जिनमें नशीला/साइकोट्रोपिक पदार्थ होने का शक था। मामले की जानकारी तुरंत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), दिल्ली जोन को दी गई। एनसीबी की टीम एयरपोर्ट पहुंची और जब्त किए गए पदार्थ का फील्ड ड्रग टेस्ट किया। टेस्ट में हशीश (चरस) की पुष्टि हुई, जो एनपीडीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत आने वाला एक साइकोट्रोपिक पदार्थ है। जब्त किए गए पदार्थ में कुल 20 पैकेट थे, जिनका कुल वजन 4.411 किलोग्राम था।
पुष्टि होने के बाद एनसीबी टीम ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और जब्ती सूची-सह-पंचनामा तैयार किया। इसके बाद एनसीबी टीम आरोपी और जब्त किए गए सामान को लेकर एयरपोर्ट से रवाना हो गई, ताकि एनसीबी दिल्ली जोन ऑफिस में आगे की कार्रवाई की जा सके।
यह सफल कार्रवाई आईजीआई एयरपोर्ट के जरिए नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी को रोकने में बिहेवियरल प्रोफ़ाइलिंग, स्क्रीनिंग के तरीकों और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की प्रभावशीलता को दिखाती है।
सीआईएसएफ ने ड्रग्स की तस्करी को किया नाकाम, 4.411 किलो हशीश जब्त
Jun 10 2026 12:22PM
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