श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रग तस्करी से जुड़ी 4 करोड़ की संपत्तियां जब्त

श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रग तस्करी से जुड़ी 4 करोड़ की संपत्तियां जब्त
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित ड्रग तस्करों की करीब चार करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्रग तस्करी के खिलाफ जारी अभियान के तहत संगम पुलिस स्टेशन ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के अंतर्गत दर्ज एफआईआर संख्या 14/2026 की जांच के दौरान गुलाम अहमद डार की संपत्तियों को जब्त किया। जब्त की गई संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग तीन करोड़ रुपये बताया गया है।

इन संपत्तियों में एक रिहायशी मकान, भूमि का एक हिस्सा और कई व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि इन संपत्तियों को नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय के माध्यम से हासिल किया गया था।

इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संपत्तियों को जब्त कर लिया गया। एक अन्य मामले में पुलिस स्टेशन नवाहट्टा ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 09/2018 के संबंध में मोहम्मद शफी शेख की लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य की रिहायशी संपत्ति को जब्त किया।

मोहम्मद शफी शेख, स्वर्गीय मोहम्मद सुभान शेख के पुत्र हैं। पुलिस जांच में इस संपत्ति को भी मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति के रूप में चिन्हित किया गया था। पुलिस ने बताया कि इन जब्ती कार्रवाइयों का उद्देश्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को छिपाने, बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करने से रोकना है। एनडीपीएस एक्ट के तहत ऐसे मामलों में अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान है, ताकि ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।

श्रीनगर पुलिस ने कहा कि वह केवल ड्रग तस्करों के खिलाफ ही नहीं बल्कि उनके द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस का मानना है कि आर्थिक स्रोतों पर चोट पहुंचाकर नशीले पदार्थों के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकता है। 

Subscribe Now