‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि भारत में ओलंपियाड और हेकेथॉन की संस्कृति निरंतर बढ़ रही है। उन्हें विश्वास है कि देश के अधिक से अधिक युवा ऐसे फोरम में अपनी रूचि दिखाएंगे और भारत का परचम लहराएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का सकारात्मक परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इसे भारतीय युवाओं की प्रतिभा, नवाचार, कौशल और धैर्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की। भौतिकी और रसायन विज्ञान ओलंपियाड में सभी भारतीय छात्रों ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि जीव विज्ञान ओलंपियाड में भी सभी प्रतिभागियों ने पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे जीवनभर युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते रहे। उन्होंने आगामी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर माता-पिता, शिक्षकों और सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आह्वान किया।

‘कारगिल विजय दिवस’ पर प्रधानमंत्री ने वीर शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और कहा कि ये दिन हमें अपने वीर जवानों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपने वीर जवानों को याद करने के साथ उनकी विजयगाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाता भी है। इस संबंध में उन्होंने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को याद किया और कहा कि 14 जुलाई को दिल्ली के ‘राष्ट्रीय समर समारक’ से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल यात्रा, द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग में भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय नौ-सेना में आईएनएस महेंद्रगिरि शामिल होना, डीआरडीओ ने पिनाका लॉग रेंज गाइड रोकेट का सफल परीक्षण देश की आत्मनिर्भरता की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने पानी की हर बूँद बचाने की अपील करते हुए कहा कि हम भी अपने आसपास किसी एक तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लें। उन्होंने इस संबंध में कुछ उदाहरण दिए।

खेल जगत की उपलब्धियों की जानकारी देते हए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने पी.वी. सिंधु को जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर बधाई दी। साथ ही, लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली टेस्ट जीत को ऐतिहासिक बताते हुए इसे देश की नारी शक्ति की बड़ी उपलब्धि बताया।

इसी क्रम में उन्होंने केरलम में एर्णाकुलम के साउथ चित्तूर में एक स्कूल में संस्कृत क्लब की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां के शिक्षक अभिलाष अनूठे तरीके से संस्कृत को लोकप्रिय बना रहे हैं। ‘अक्षरकंदुक’ के तहत वे संस्कृत के अक्षरों को फुटबॉल में इस्तेमाल होने वाले शब्दों से जोड़कर आसान और आनंदमय तरीके से समझा रहे हैं।

मोदी ने कश्मीर की पारंपरिक ‘वगू’ चटाई का उल्लेख करते हुए स्थानीय कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकंडे और धान के पुआल से हाथों से बनाई जाने वाली यह पर्यावरण अनुकूल चटाई गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गर्माहट देती है। श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला ने इस विलुप्त होती कला को नया जीवन देने का संकल्प लिया, जिससे अनेक लोग जुड़ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी सहयोग और स्थानीय प्रयासों से ‘वगू’ अब देशभर में लोकप्रिय हो रही है तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी नई मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से तैयार ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हर्बल चाय महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का प्रतीक है और अपने स्वाद व गुणों के कारण देश-विदेश में पहचान बना रही है। यह पूरा प्रयास सिर्फ एक लाख रुपये से शुरू हुआ था। आज यह ब्रांड देश के बड़े संस्थानों तक पहुंच चुका है। इसकी प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, “वैसे तो आप भी भली-भाँति जानते हैं मेरा चाय से रिश्ता क्या है। लेकिन आज मैं जिस चाय की चर्चा कर रहा हूं, उसने सिर्फ स्वाद ही नहीं दिया बल्कि अनेक बहनों के जीवन में, आत्मनिर्भरता की नई खुशबू भी घोल दी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए रिसाइक्लिंग जरूरी है। उन्होंने बिहार के सीतामढ़ी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मजबूत और पर्यावरण अनुकूल बेंच बनाई जा रही हैं। एक बेंच बनाने में लगभग 40 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग होता है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार सृजन और जनजागरूकता का भी माध्यम बन रही है तथा ‘रिड्यूस, रीयूज़ और रिसायकल’ की भावना को मजबूत कर रही है।

प्रधानमंत्री ने एकबार फिर अपील की कि इस बार के गणेश उत्सव पर पीओपी या विदेशी प्रतिमाओं के बजाय देश की मिट्टी से बने गणेशजी की स्थापना कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

प्रधानमंत्री ने मणिपुर के खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. रोनाल्डो लैशराम की उपलब्धि का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जापान में कार्यरत डॉ. लैशराम उस वैज्ञानिक दल का हिस्सा हैं जिसने युवा आकाशगंगाओं के एक विशाल समूह की खोज की है। इस समूह का नाम उन्होंने मणिपुर की प्रसिद्ध लोकटक झील के नाम पर ‘लोकटक प्रोटो-क्लस्टर’ रखा।

प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘चौंगप्रेंग’ का उल्लेख करते हुए सूरज कुमार देबबर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देबबर्मा इस वाद्ययंत्र और अन्य पारंपरिक संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने क्षेत्र के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने का आग्रह किया, ताकि भारत की समृद्ध संगीत विरासत को नई पहचान मिल सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बुनकरों के कौशल और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने लोगों से हस्तकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में पोचमपल्ली, कच्छ, पटना और केरल सहित अनेक क्षेत्रों में हथकरघा परंपरा को नई पहचान मिल रही है, जिससे विशेषकर महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में जनभागीदारी से करोड़ों पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिली। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद के भाड़ज क्षेत्र में एक घंटे में 3.5 लाख से अधिक पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। उत्तर प्रदेश में 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने कहा कि पेड़ केवल मनुष्यों के लिए नहीं बल्कि असंख्य जीवों का घर भी हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात के गिर जंगलों में लगभग 60 वर्ष बाद इंडियन ग्रे हॉर्नबिल की वापसी संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता है। हॉर्नबिल को जंगलों का किसान कहा जाता है क्योंकि यह बीजों को दूर-दूर तक फैलाकर नए पेड़ों के उगने में मदद करता है। प्रधानमंत्री ने लोगों से विशेष अवसरों को प्रकृति से जोड़ने और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खादी की बिक्री छह गुना बढ़कर करीब 8,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने त्योहारों के दौरान खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदकर स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन है। उन्होंने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने पूरे देश को राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ा है। इस वर्ष भी उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने घर पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया। साथ ही, स्वतंत्रता दिवस के लिए ‘मायगॉव’ पर सुझाव भेजने की अपील की।

Subscribe Now