मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघन मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के कथित उल्लंघन के आरोप में कोलकाता के कालीघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गुरुवार को पुलिस ने इसकी पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार, बागुईआटी निवासी राजीव सरकार की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी के सुरक्षा कर्मी उनके वाहन चलाने के दौरान फुटरेस्ट पर खड़े होकर यात्रा करते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता है और अन्य लोगों के जीवन को खतरा पैदा होता है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 123 के अनुसार चलती गाड़ी में लटककर यात्रा करना प्रतिबंधित है, जबकि धारा 184 के तहत खतरनाक तरीके से वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही अथवा उतावलेपन से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डालना), धारा 125, धारा 223, धारा 3(5) तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि, अभिषेक बनर्जी पहले से ही विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के दायरे में रहे हैं। उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच चल चुकी है। इसके अलावा हस्ताक्षर विसंगति प्रकरण और "4 मई के बाद डीजे बजेगा" संबंधी कथित टिप्पणी को लेकर भी वे विवादों में रहे हैं।
इसी बीच मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि मामले में अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम राहत वापस ले ली है।
इसके अतिरिक्त, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में शुरू की गई उनकी पहल 'सेबाश्रय' को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक किसी न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है।
फिलहाल, मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े इस नए मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





