फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन( एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम) द्वारा अयोध्या के लेखपाल उत्कर्ष दीप के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा है।
लेखपाल संघ ने अयोध्या के निर्दोष लेखपाल उत्कर्षदीप को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सदर तहसील में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया।
ज्ञापन के माध्यम से लेखपाल संघ ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का मेहनती, ईमानदार और जनता से सीधे जुड़ा अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी है जो कठिन परिस्थितियों में पैमाइश, अतिक्रमण हटाने और शासन की योजनाएं घर-घर पहुंचाने का काम करता है।
भूमि विवाद में अवैध कार्य न करने पर कई बार लोग रंजिशवश झूठे मामले में फंसाने की कोशिश करते हैं। संघ का आरोप है कि एसीओ टीम बिना शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और लेखपाल के अधिकार क्षेत्र की जांच किए बिना ही ट्रैप कर रही है।
20 अगस्त को जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्ष दीप के साथ हुई कार्रवाई ने पूरे लेखपाल संवर्ग को आहत कर दिया है। संघ का कहना है कि इस प्रकरण के सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो से गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में रिश्वत मांगी अथवा स्वीकार की गई थी या षड्यंत्रपूर्वक फंसाने का प्रयास किया गया। ऐसी घटनाओं से लेखपालों में भय और असुरक्षा बढ़ रही है।
संघ ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ भ्रष्टाचार का किसी भी रूप का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो, लेकिन किसी निर्दोष को निजी रंजिश, षड्यंत्र, झूठी शिकायत या जबरन ट्रैप से फंसाया जाना स्वीकार नहीं है।
संघ ने मुख्यमंत्री से सहानुभूतिपूर्वक और न्यायोचित विचार करने की मांग की है कि अयोध्या (सोहावल) प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर लेखपाल उत्कर्षदीप के विरुद्ध हुई कार्रवाई की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, शिकायत और प्री-ट्रैप प्रक्रिया सहित प्रत्येक तथ्य की समीक्षा हो और यदि लेखपाल के विरुद्ध सुनियोजित षड्यंत्र पाया जाय तो उसे तत्काल राहत दी जाए। ट्रैप से पहले अनिवार्य जांच और फर्जी ट्रैप पर रोक:भविष्य में किसी भी लेखपाल के खिलाफ ट्रैप से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, रंजिश, निजी स्वार्थ और उद्देश्य की विस्तृत जांच अनिवार्य की जाए।
ज्ञापन पर तहसील अध्यक्ष हरि गोविन्द सिंह, तहसील मंत्री प्रदीप कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुपम कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रजत तिवारी सहित समस्त लेखपाल मौजूद रहे।





