मुख्यमंत्री योगी ने शुरू की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, प्रदेश के उच्च शिक्षा के 1.28 लाख शिक्षकों सहित 10 लाख को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री योगी ने शुरू की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, प्रदेश के उच्च शिक्षा के 1.28 लाख शिक्षकों सहित 10 लाख को मिलेगी सुविधा
-आगरा में योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का किया शुभारंभ

-मुख्यमंत्री अपने आगरा प्रवास के दूसरे दिन पहुंचे विश्वविद्यालय के शिवाजी मंडपम

-कैशलेस चिकित्सा स्कीम लॉन्च करने के बाद मैनपुरी के लिए भरी उड़ान

आगरा । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आगरा प्रवास के दूसरे दिन रविवार काे आगरा विश्वविद्यालय के खंदारी परिषद स्थित शिवाजी मंडपम ऑडिटोरियम में पहुंचकर विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना के साथ साथ वृहद बीमा सुरक्षा योजना को लांच किया इससे पहले खंदारी परिसर पहुंचने के उपरान्त विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उन्नति और विकास तथा सामाजिक योगदान विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति आशु कुमारी से भी कुछ विषयों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में जिलों में सजीव प्रसारण देखा गया।

1.28 लाख विश्वविद्यालय शिक्षकों और उनके परिजनों सहित करीब 10 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

इस कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस योजना से विश्वविद्यालय, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट कॉलेज के करीब 1.28 लाख शिक्षकों को और उनके पारिवारिक जनों को लाभ मिलेगा जिसमें करीब 10 लाख लोगों के कवर होने का अनुमान है। इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, इस कार्ड के माध्यम से सभी गंभीर बीमारियों सहित 1900 से भी ज्यादा बीमारियों का इलाज पैकेज में मिलेगा इस योजना में भी आयुष्मान भारत जैसी दरें ही लागू है।

उन्हाेंने कहा कि यह योजना उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जनपद से शुरू की जा रही है। पंजाब नेशनल बैंक के जीएम और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू साइन हुआ है। सरकार द्वारा पीएनबी के साथ भी एक करार किया गया है जिसमें शिक्षकों को 1.5 करोड़ का एक्सीडेंटल बीमा, 3 करोड़ तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार तक का अस्पताल का खर्च यानी कैश बेनिफिट और 12 लख रुपए का टर्म लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा मिलेगा।

भारतीय परंपरा में शिक्षक का स्थान सर्वोपरि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कार और परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षक का स्थान सर्वोपरि रहा है । उन्होंने आगे कहा कि सच्चा शिक्षक वही है , जो अपने शिष्य को केवल किताबी शिक्षा ना दे बल्कि उसको सच्ची और सही सोच और दृष्टि दे। इस संबंध में उन्होंने प्रसिद्ध वैद्य जीवक की कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि हर एक छात्र में सीखने की लालसा होनी चाहिए परंतु शिक्षक का कर्तव्य है कि वह उसको सही मार्ग दिखलाएं बेहतर परिणाम तभी संभव है , जब शिक्षक अपने छात्रों को सही रास्ता दिखाते रहेंगे।

छात्रों के प्रति शिक्षकों की भी बड़ी जिम्मेदारी

उन्होंने आगे कहा कि अब शिक्षण संस्थानों में शिक्षक माहौल पहले जैसा नहीं है, फिर भी शिक्षक अपने छात्रों में उनकी योग्यता को तराशने, उनकी क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास करें और उनकी रुचि के अनुरूप और उनकी क्षमताओं के अनुसार उसको आगे बढाने ने का काम करें। उन्हाेंने जाेर देकर कहा कि बदलते शैक्षणिक माहौल में सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल बहुत आवश्यक हो गया है

बदलते समय में सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल की आवश्यकता

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चा करते हुए उन्हाेंने कहा कि ये दाेनाें प्लेटफार्म जहां एक ओर शिक्षा देने का काम करती हैं वही गलत जानकारी मिलने से भटकाव की भी संभावना बनी रहती है । डिजिटल प्लेटफार्म से गलत जानकारी प्राप्त कर युवा रास्ता भटक जाते हैं ऐसे में आवश्यकता है कि उनको सही दिशा दिखाई जाए।

विश्वविद्यालय कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में बने हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा करीब 12:20 बजे दोपहर मैनपुरी के लिए प्रस्थान किया।

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