नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 2026-27 बजट में दिव्यांगजनों के लिए 'कौशल' और 'सहारा' योजनाओं की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को दोहराते हुए दिव्यांगजनों के लिए 'दिव्यांग कौशल योजना' और 'दिव्यांग सहारा योजना' की घोषणा की, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक वर्ग संसाधनों और सुविधाओं तक समान पहुंच प्राप्त कराना, दिव्यांग कौशल और सहारा योजनाएं दिव्यांगजनों को सार्थक भागीदारी और सम्मान के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है।
दिव्यांग कौशल योजना के तहत दिव्यांगजनों को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य के उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार किया जाएगा। इससे वे आईटी, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स), हॉस्पिटैलिटी और खाद्य एवं पेय पदार्थ जैसे क्षेत्रों में रोजगार पा सकें। इसके तहत प्रत्येक दिव्यांग समूह की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उद्योग-केंद्रित और प्रक्रिया-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा, बजट में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाले सहायक उपकरण आसानी से उपलब्ध कराने के लिए दिव्यांग सहारा योजना का खाका तैयार किया गया है। इसमें सहायक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण में निवेश करने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम को सहायता प्रदान करने और प्रधानमंत्री दिव्यांग केंद्रों को सुदृढ़ करने तथा आधुनिक खुदरा केंद्रों के रूप में सहायक प्रौद्योगिकी मार्ट स्थापित करने में सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है।
इन केंद्रों पर दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक नवीनतम सहायक उत्पादों को खरीदने से पहले उनका परीक्षण कर सकेंगे और उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार आजमा सकेंगे।
दिव्यांगजनों के लिए 'कौशल' और 'सहारा' योजनाओं की घोषणा












