नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत किए जाने को नारी शक्ति का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज जिस “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है, इस बजट से उसे नई रफ्तार मिलेगी। पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स देश के साहसी, प्रतिभाशाली और आकांक्षाओं से भरे युवाओं को आगे बढ़ने के लिए खुला आसमान देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सिर्फ सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है बल्कि वह जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प है कि भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बने। उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय लोकतांत्रिक साझेदार और विश्वसनीय गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में हुए बड़े-बड़े ट्रेड डील्स का अधिकतम लाभ देश के युवाओं, छोटे और मध्यम उद्योगों को मिले, इसके लिए बजट में अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया गया है।
मोदी ने कहा कि इस बजट में सनराइज सेक्टर्स को अभूतपूर्व समर्थन दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, देशभर में वॉटरवेज का विस्तार, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर टू और टियर थ्री शहरों के विकास तथा शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं। सरकार ने बीते वर्षों में स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी पर लगातार निवेश किया है। उन्होंने टूरिज्म, विशेषकर पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्यों को सशक्त बनाकर बैलेंस्ड डेवलपमेंट सुनिश्चित करने और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए आधुनिक इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और यह एक सफल अभियान है। बजट में महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों के लिए प्राथमिकता दी गई है, ताकि हर घर में लक्ष्मी का वास हो सके।
उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन सेक्टर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहे हैं। इस बजट में नारियल, कोको, काजू और चंदन की खेती से जुड़े किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है: प्रधानमंत्री











