रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
उनके अनुसार, सरकार के पास छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन उसने समस्या की गंभीरता को नहीं समझा। लाठीचार्ज की घटना की जानकारी मिलने के बाद वह सीधे सदर अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
इसके बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर आंदोलन कर रहे छात्रों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की और उनका हौसला बढ़ाया।
जेएलकेएम विधायक ने कहा कि रात के अंधेरे में छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज अंग्रेजी शासन के दौर के अत्याचारों की याद दिलाता है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। महतो ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार से सवाल किए।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी के अध्यक्ष की गिरफ्तारी और आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे से यह स्पष्ट होता है कि अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने एक विश्वविद्यालय के एक विषय के सभी 33 छात्रों के सीडीपीओ बनने का भी जिक्र किया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी से जुड़े अभय तिवारी द्वारा कथित तौर पर 40 से 60 लाख रुपये की वसूली की बात स्वीकार किए जाने के बाद सरकार को सीबीआई जांच कराने में क्या परेशानी है।
महतो ने सरकार से जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति मामलों की सीबीआई जांच कराने, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की। उन्होंने सोमवार की लाठीचार्ज की घटना की उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की भी मांग की।





