BREAKING NEWS

CJP Protest 2.0: मुंबई से होगी शुरुआत, अभिजीत दिपके ने बताई तारीख और शहरों के नाम

CJP Protest 2.0: मुंबई से होगी शुरुआत, अभिजीत दिपके ने बताई तारीख और शहरों के नाम
चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा आंदोलन बनने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो CJP देश भर में प्रोटेस्ट करेगी। इस प्रोटेस्ट का नाम CJP प्रोटेस्ट 2.0 रखा गया है।प्रोटेस्ट कब और कहां से शुरू होगा?अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को सोशल मीडिया X पर पोस्ट करके बताया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 26 सितंबर तक का समय दिया है। अगर कल तक इस्तीफा नहीं आता है तो 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन से आंदोलन शुरू होगा।


इस आंदोलन की शुरुआत मुंबई से होगी। मुंबई को इसलिए चुना गया है क्योंकि CJP का बड़ा नेटवर्क वहीं पर है और इससे पहले भी CJP ने कई बड़े प्रोटेस्ट मुंबई से ही शुरू किए थे। अभिजीत दिपके ने कहा है कि मुंबई के बाद ये प्रोटेस्ट दिल्ली के जंतर-मंतर, पटना, लखनऊ, कोलकाता, बेंगलुरु और जयपुर जैसे बड़े शहरों में भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर लोकतंत्र को बचाने के लिए ये लड़ाई जरूरी है।CJP की तीन बड़ी मांगें क्या हैं?24 सितंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके CJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।


CJP की तीन मांगें हैं। पहली मांग है कि ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और उनके खिलाफ जांच शुरू हो। दूसरी मांग है कि SIR यानी वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन पर रोक लगाई जाए और जनवरी 2025 वाली वोटर लिस्ट को फिर से लागू किया जाए। तीसरी मांग है कि 2023 में बनाया गया चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाला कानून रद्द किया जाए।विवाद की वजह क्या है?ये पूरा विवाद इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयोग के अंदर ही मतभेद है। दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार SIR प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। 


रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने भी CEC के इस्तीफे की मांग तेज कर दी। राहुल गांधी ने इसे वोट चोरी से जोड़ा तो चिराग पासवान ने कहा कि अगर आरोप सही हैं तो गंभीर मामला है।अभिजीत दिपके का कहना है कि CJP का ये प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण होगा लेकिन अगर सरकार ने बात नहीं सुनी तो आंदोलन और बड़ा होगा। NEET पेपर लीक मामले में भी CJP के प्रोटेस्ट का असर देखा गया था। अब देखना है कि 26 सितंबर के बाद क्या होता है।

Subscribe Now