नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट 2026-27 को बिना नीति एवं दृष्टि वाला करार देते हुए निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पास अब कोई नया विचार नहीं बचा है और यह बजट देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का कोई समाधान नहीं देता।
खरगे ने एक्स पोस्ट में कहा कि मिशन मोड अब ‘चैलेंज रूट’ बन गया है और रिफॉर्म एक्सप्रेस शायद ही कभी किसी ‘रिफॉर्म’ जंक्शन पर रुकती है।नतीजा यह है कि सरकार के पास न कोई नीति दृष्टि है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। किसान अभी भी सार्थक कल्याणकारी सहायता या आय सुरक्षा योजना का इंतजार कर रहे हैं, असमानता ब्रिटिश राज के समय के स्तर को पार कर गई है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अल्पसंख्यक समुदायों को कोई राहत नहीं दी गई है। उन्होंने वित्त आयोग की सिफारिशों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा नहीं लगता कि वे गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकारों को कोई राहत मिलेगी। यह देश के संघवाद पर आघात है।
खरगे ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के लिए कोई पुनरुद्धार रणनीति नहीं है, रोजगार और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाने के लिए कोई गंभीर योजना नहीं है, निर्यात और व्यापार घाटे पर कोई ठोस जवाब नहीं है, महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है, निजी निवेश और एफडीआई को लेकर कोई भरोसा नहीं दिखता, इंफ्रास्ट्रक्चर पर वादे दोहराए गए हैं लेकिन डिलीवरी नहीं है और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर कोई महत्वपूर्ण घोषणा नहीं हुई है।-
बजट से किसानों, गरीबों और राज्यों के लिए कोई राहत नहींः कांग्रेस












