दीपशिखा हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में आग, 21 मरीज सुरक्षित निकाले गए

दीपशिखा हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में आग, 21 मरीज सुरक्षित निकाले गए

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र के विद्यानगर स्थित दीपशिखा हॉस्पिटल में शुक्रवार रात इमरजेंसी वार्ड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी, जबकि धुआं अस्पताल के ऊपरी हिस्सों तक फैल गया। सूचना मिलते ही बागसेवनिया पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पास के सहारा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। घटना में किसी मरीज, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, अस्पताल के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने परिसर से धुआं निकलते देखा। उन्होंने तत्काल अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद बागसेवनिया थाने से एएसआई वीर मणि पांडे पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के समय अस्पताल में भर्ती 21 मरीजों की सुरक्षा पुलिस और अस्पताल स्टाफ के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी। इनमें आइसीयू के 5-6 मरीजों के साथ सिजेरियन डिलीवरी के बाद भर्ती महिलाएं भी शामिल थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सबसे पहले मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से निकाले मरीज

आग ग्राउंड फ्लोर के इमरजेंसी कक्ष में लगी थी और धुआं अस्पताल के ऊपरी हिस्सों तक पहुंच गया था। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण लिफ्ट का इस्तेमाल करना संभव नहीं था। ऐसे में पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने सीढ़ियों के रास्ते मरीजों को बाहर निकाला। करीब 15 पुलिसकर्मियों ने लगातार रेस्क्यू में जुटकर एक-एक कर सभी मरीजों को बाहर निकाला। सीढ़ियों वाले हिस्से में पर्याप्त जगह और खिड़कियां होने के कारण धुआं ऊपर की ओर निकलता रहा। इससे रेस्क्यू टीम को मरीजों को बाहर निकालने में कुछ राहत मिली। ICU के मरीजों और ऑपरेशन के बाद भर्ती महिलाओं को विशेष सावधानी से बाहर निकाला गया।

इलेक्ट्रिकल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रारंभिक पुलिस जांच में आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टरों के बैठने की जगह के पास लगे इलेक्ट्रिकल बोर्ड में लगी। बोर्ड में कई स्विच लगे थे। आशंका है कि बोर्ड के अंदर किसी वायर में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़की। बोर्ड के पास प्लाई की अलमारियां और अन्य सामान रखे होने के कारण आग ने इन्हें भी चपेट में ले लिया।

10:35 बजे मिली सूचना, करीब 11 बजे आग पर काबू

फायर ब्रिगेड अधिकारियाें के अनुसार शुक्रवार रात करीब 10:35 बजे आग की सूचना मिली। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 11 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। आग इमरजेंसी वार्ड तक सीमित रही, लेकिन धुआं अस्पताल के अन्य हिस्सों में फैल गया था। इसके बाद अस्पताल को पूरी तरह खाली करा लिया गया और बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।

ड्यूटी बदलने का समय होने से मौके पर पर्याप्त पुलिस बल

एएसआई वीर मणि पांडे के अनुसार, घटना रात करीब 10 बजे के आसपास हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शिफ्ट बदलने का समय था, इसलिए मौके पर पर्याप्त बल उपलब्ध था। उन्होंने बताया कि पुलिस के करीब 15 जवानों ने मौके पर रेस्क्यू में सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि थाने के अन्य स्टाफ ने भी सहयोग किया। समय रहते सभी मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

हादसे ने उठाए अस्पतालों की फायर सेफ्टी पर सवाल

घटना में जनहानि नहीं होने से बड़ी राहत मिली, लेकिन अस्पताल में आग लगने और धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने की घटना ने अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और संबंधित विभाग अब आग लगने के वास्तविक कारण के साथ अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं।

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