सिरसा। जिला प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में शनिवार को शहर में लगे कचरे के ढेरों को उठवाया। इस दौरान कूड़ा उठाने का विरोध कर रहे कुछ हड़ताली सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने पुलिसबल की मौजूदगी में कचरा उठाने का अभियान शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जेसीबी से विभिन्न डंपिंग प्वाइंटोंं से कचरा हटाया गया। इस दौरान सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचे और इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
हड़ताली कर्मचारी इस कार्रवाई के विरोध में सिटी थाना के बाहर धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सडक़ों, बाजारों और गलियों में पिछले 17 दिनों से सड़ रहे कचरे से बदबू आने लगी थी। सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच फिलहाल कोई समझौता होता न देख प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। सफाई व्यवस्था को लेकर आम लोग परेशान थे। बीते दिवस नागरिक परिषद की पहल पर सर्वदलीय-सामाजिक बैठक हुई, जिसमें इस बात पर सहमति बनी थी कि प्रशासन अपने स्तर पर कूड़ा उठाता है तो हड़ताली कर्मचारी इसका विरोध नहीं करेंगे, लेकिन जैसे ही प्रशासन ने कूड़ा उठाने का प्रयास किया तो हड़ताली कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध किया। हालात बिगडऩे पर पुलिस को विरोध कर रहे सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लेना पड़ा। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। वहीं, नगर पालिका कर्मचारी संघ से जुड़े नेताओं को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना पर मामला और बिगड़ गया। गुस्साए कर्मचारी सिटी थाने में पहुंचे और इसका विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया।
सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी से आक्रोशित हुए डबवाली नगरपरिषद सफाई कर्मचारियों ने एकत्रित किए गए कूड़े को सडक़ों पर बिखेर दिया। इससे चारों तरफ गंदगी का आलम हो गया। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन है। सरकार द्वारा अब दमन की नीति अपनाई जा रही है। दूसरी और शहर में गंदगी को लेकर लोग बेहद परेशान हैं। लोगों की मांग है कि सरकार को इस बाबत सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।





