विकसित भारत @2047’ का रोडमैप पेश करता है यह बजट - सम्राट चौधरी
पटना। वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने बजट की सराहना की है। उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जहां इसे ‘विकसित भारत @2047’ का रोडमैप बताया, वहीं उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे किसानों, महिलाओं और गरीबों की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला बजट करार दिया।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ठोस और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2047 के भारत की परिकल्पना को जमीन पर उतारने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। बजट में उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है, जो देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से और सशक्त बनाएंगे।
सम्राट चौधरी ने बजट में हाईस्पीड रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इससे देश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। उन्होंने सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर की गई घोषणाओं पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित रेल कॉरिडोर बिहार के लिए कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित करेगा। साथ ही सेमीकंडक्टर उद्योग में केंद्र सरकार के निवेश से बिहार के युवाओं के लिए भविष्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जलमार्गों के उन्नयन की योजना का भी स्वागत किया और कहा कि इससे बिहार का व्यापार सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत की नींव इस बजट में रखी गई है। उन्होंने बजट को दूरदर्शी, संतुलित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बताया।
किसानों-महिलाओं की उम्मीदों का बजट : विजय सिन्हा
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा कि यह बजट गरीबों के उत्थान, किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत और विकसित बिहार के निर्माण में वरदान साबित होगा।
विजय सिन्हा ने कहा कि यह बजट संतुलित है और आम आदमी की अपेक्षाओं के साथ-साथ बिहार के विकास, सुशासन और समृद्धि को नई गति देगा। उन्होंने आयकर स्लैब में कोई बदलाव न किए जाने को करदाताओं के लिए स्थिरता का संदेश बताया। वहीं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च किए जाने को बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने और सरल फॉर्म व्यवस्था से कर प्रक्रिया अधिक सहज और पारदर्शी होगी।
विजय सिन्हा ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए प्रस्तावित 12.2 लाख करोड़ रुपये के निवेश से शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। शिक्षा क्षेत्र में 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब की स्थापना से युवाओं में नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विजय सिन्हा ने कहा कि मौजूदा केंद्रीय बजट में अर्थव्यवस्था को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ गति देने पर बल दिया गया है। अवसंरचना, सेवाएं, विनिर्माण, पर्यटन और रचनात्मक उद्योग जैसे उभरते क्षेत्रों में देश का ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ नए विश्वास और विस्तार के साथ आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह बजट युवा-शक्ति की उम्मीदों, देश की विरासत और विकास के ठोस आधार के साथ विकसित भारत के निर्माण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय बजट को सराहा












