पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में न्याय की मांग से शुरू हुआ प्रदर्शन कैसे लूटपाट और साजिश में बदल गया, इसका सबसे बड़ा सबूत अब सीसीटीवी और वायरल वीडियो बन गए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है - मुंह पर रुमाल, हाथ में डंडे, और कंधे पर लूटा हुआ लैपटॉप और मोबाइल के पैकेट। पुलिस के मुताबिक यही वो गुनहगार हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन को हाईजैक किया। 26-27 सितंबर की रात गर्ल्स हॉस्टल-3 को लेकर व्हाट्सएप पर एक अफवाह फैली कि एक छात्रा के साथ प्लंबर ने रेप किया है। देखते ही देखते हजारों छात्र इकट्ठा हो गए और "हमें न्याय चाहिए" के नारे लगने लगे।
LPU प्रशासन ने इसे अफवाह बताया और हॉस्टल की 3 छात्राओं का वीडियो जारी कर कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।जैसे ही भीड़ उग्र हुई, कुछ नकाबपोश युवक भीड़ में घुस गए। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि इन लोगों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। इन्होंने सबसे पहले यूनि-मॉल के शटर तोड़े। वायरल वीडियो में एक लड़का चिल्ला रहा है - "अभी ऑर्डर करो, सब फ्री में दिला देंगे!" इसके बाद जो हुआ वो शर्मनाक था। इलेक्ट्रॉनिक शॉप से PS-5, iPhone 14, महंगे लैपटॉप और गैजेट लूट लिए गए। जूते की दुकान में लोग अपना साइज ढूंढते दिखे, तो कोई किराने की दुकान से खाने के पैकेट भरकर ले जाता दिखा। एक वीडियो में युवक पूछ रहा है - "भैया, आपने iPhone 14 देखा क्या?"
छात्रों ने आरोप लगाया कि ये लूट करने वाले LPU के छात्र नहीं, बाहर से आए असामाजिक तत्व थे। कंप्यूटर साइंस बिल्डिंग में आग लगा दी गई, एडमिशन ब्लॉक में तोड़फोड़ हुई, और डिस्प्ले के लिए रखा MiG-23 लड़ाकू विमान और आर्मी टैंक पर चढ़कर नारेबाजी की गई। पंजाब DGP गौरव यादव सोमवार को खुद LPU कैंपस पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके से वॉकी-टॉकी बरामद हुई हैं और कई संदिग्धों के चेहरे रुमाल से ढके होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब ये जांच कर रही है कि ये नकाबपोश बाहर से कैसे आए और क्या किसी साजिश के तहत आंदोलन को भड़काया गया। SSP हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि हाईवे जाम हटाने गई पुलिस पर पथराव हुआ, 2 गाड़ियों में आग लगा दी गई और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। NH-44 करीब 15 घंटे तक जाम रहा।
हालात बिगड़ने के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिन के लिए क्लासेस सस्पेंड कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी गई हैं। इधर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर हुई है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। पुलिस ने रेप के आरोप में FIR और SIT बना दी है, लेकिन अभी तक फॉरेंसिक जांच में घटना की पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है - रुमाल से चेहरा ढकने वाले, हाथ में लूट का सामान लेकर भागने वाले ये लोग कौन थे? क्या ये सच में छात्र थे या आंदोलन की आड़ में लूट करने आए लुटेरे?