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बेस्ट कर्मचारियों को बड़ी राहत: वेतन संशोधन और 'समान काम के लिए समान वेतन' का प्रस्ताव आगे बढ़ा

बेस्ट कर्मचारियों को बड़ी राहत: वेतन संशोधन और 'समान काम के लिए समान वेतन' का प्रस्ताव आगे बढ़ा
मुंबई महानगरपालिका ने बेस्ट के नए वेतन संशोधन प्रस्ताव को राज्य सरकार द्वारा गठित अध्ययन समिति के पास भेजने की सिफारिश कर दी है। इसे बेस्ट कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्ताव लागू होने पर बेस्ट के हजारों कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान, संविदा कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन और कैजुअल कर्मचारियों को नियुक्ति की मूल तिथि से काल्पनिक वेतन निर्धारण का लाभ मिल सकेगा। 

बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने इसे महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के संशोधित वेतन समझौते की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही कैजुअल कर्मचारियों के नॉशनल वेतन निर्धारण और वेट लीज कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ लागू करने का रास्ता भी साफ होगा। कुछ दिन पहले बेस्ट समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर मनपा को भेजा था। अब मनपा की सिफारिश के बाद इसे राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अध्ययन समिति के समक्ष रखा गया है।

प्रस्ताव के तहत वर्ष 2016 से 2025 की अवधि के लिए नया वेतन समझौता लागू करने की सिफारिश की गई है। इसमें राज्य सरकार और मनपा कर्मचारियों के लिए लागू सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान तय करने का प्रस्ताव है। इससे करीब 27 हजार बेस्ट कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, पुराने बकाये और संशोधित वेतन के कारण बेस्ट उपक्रम पर करीब 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की संभावना है।

प्रस्ताव में वेट लीज के तहत काम करने वाले ड्राइवरों और अन्य संविदा कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की भी सिफारिश की गई है। कानूनी राय तथा महाराष्ट्र कॉन्ट्रैक्ट लेबर रूल्स, 1971 के नियम 21 और 25 का हवाला देते हुए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के सिद्धांत को लागू करने की बात कही गई है। इसका लाभ करीब 9,000 संविदा कर्मचारियों को मिल सकता है। इसके लागू होने पर बेस्ट पर हर साल लगभग 475 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

कैजुअल कर्मचारियों के लिए भी प्रस्ताव में महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। उन्हें उनकी मूल नियुक्ति तिथि से नॉशनल वेतन निर्धारण का लाभ देने की सिफारिश की गई है। इससे करीब 2,200 कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इस व्यवस्था पर लगभग 300 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है। वेतन संबंधी प्रस्ताव के अलावा मनपा ने सेवानिवृत्त बेस्ट कर्मचारियों के लिए 99 रुपये के रियायती बस पास देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। 


इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा कम दर पर उपलब्ध हो सकेगी। बेस्ट कर्मचारियों के वेतन संशोधन, संविदा कर्मियों के वेतन और कैजुअल कर्मचारियों के नॉशनल वेतन निर्धारण से जुड़े प्रस्तावों पर अब राज्य सरकार द्वारा नियुक्त समिति की अगली भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मंजूरी मिलने के बाद बेस्ट के करीब 38,200 कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

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