ऑकलैंड/नई दिल्ली। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने के साथ ही न्यूजीलैंड, अब भारत का पार्टनर बन गया है और हमारी कृषि में विशेषज्ञता देश के विकास विशेषकर ग्रामीण आय को बढ़ाने में अहम साबित हो सकती है। यह बयान न्यूजीलैंड व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने शुक्रवार को दिया।
इस समझौते के बाद भारत के साझेदार के रूप में न्यूजीलैंड, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में मदद करेगा।"
उन्होंने कहा कि खेती, इनोवेशन और एग्री-टेक्नोलॉजी में न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता भारत के विकास में, खासकर खेती की उत्पादकता और ग्रामीण आय बढ़ाने में, अहम योगदान दे सकती है।
उन्होंने आगे कहा, "खेती इसका एक उदाहरण है। हमारे पास जो विशेषज्ञता, इनोवेशन और एग्री-टेक्नोलॉजी है, वह भारत को मिल सकती है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद कर सकते हैं और 2030 तक भारतीय किसानों की आय 50 प्रतिशत बढ़ाने के उनके संकल्प में शामिल हो सकते हैं।
न्यूजीलैंड के पास अब इसमें भूमिका निभाने और इसे सफल बनाने की क्षमता है।"
इसके अतिरिक्त, मैक्ले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास की प्रशंसा की और मैं पहले भी कई बार भारत आया हूं और आज के भारत में जो बदलाव आया है, वह शानदार है।
मैक्ले ने आईएएनएस को बताया, "यहां की युवा आबादी शिक्षित हो रही है।
भारत उन्हें काम करने और अनुभव हासिल करने के लिए दुनिया भर में भेजना चाहता है और फिर उन्हें वापस लाकर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद लेना चाहता है। यह वाकई में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला और बेहद प्रभावशाली रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए मैक्ले ने कहा कि यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है और यह ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही महीनों बाद हो रही है।
उन्होंने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है।
40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की यह पहली यात्रा है। जाहिर है, यह हमारे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही महीनों बाद हो रही है। हमारे सबसे बड़े शहर में एक बड़ा जश्न मनाया जाएगा और न्यूजीलैंड के सभी लोग, खासकर भारतीय-न्यूजीलैंड समुदाय, प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।