पटना : बिहार में अब नई रैयती भूमि क्रय नीति लागू होगी। बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 के गठन को स्वीकृति दे दी गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई।
बैठक में पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के अधीन स्वतंत्र रूप से स्पाइन सब-स्पेशियलिटी यूनिट स्थापित करने के लिए कुल 39 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
बैठक में विधायकों और सरकारी कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इसके तहत बिहार विधान मंडल के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के साथ उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई है। अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके आश्रितों को भी बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत यह सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत विशेष नियोजन निदेशालय के छह नए प्रशाखाओं के लिए विभिन्न कोटियों के कुल 57 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई तथा युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पूर्व से गठित "छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय" के छह नए प्रशाखाओं के लिए पूर्व से स्वीकृत सात पदों को प्रत्यार्पित करते हुए विभिन्न कोटियों के कुल 55 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अलावा बैठक में बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत मधुबनी (सदर) न्यायमंडल में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक अतिरिक्त न्यायालय एवं दरभंगा न्यायमंडल के अधीन बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक न्यायालय की स्थापना के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के एक-एक, यानी कुल दो पदों के सृजन की स्वीकृति भी दे दी गई।
बैठक में बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर की कमी दूर होगी तथा मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही बैठक में बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई है।