नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान राहत भरी खबर लेकर आया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना नहीं है।
अगले एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे रहने का अनुमान है। इसके साथ ही कई दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलेगी।
मौसम विभाग द्वारा जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 25 जून को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा तथा कहीं-कहीं गरज-चमक विकसित होने की संभावना है। 26 जून को मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
इस दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। 27 जून को भी मौसम का यही रुख जारी रहेगा। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी रहेगी। 28 जून को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहने का अनुमान है।
इस दिन बारिश की संभावना कम है, लेकिन दिन के समय तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जो गर्मी के प्रभाव को कुछ हद तक कम करेंगी। इसके बाद 29 जून को फिर से मौसम करवट ले सकता है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, 30 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इस दिन भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग की ओर से फिलहाल किसी भी दिन के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है, जबकि दोपहर के दौरान लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली हवाएं, बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करेंगी।
फिलहाल, अगले एक सप्ताह तक एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जबकि किसानों और पर्यावरण के लिए भी यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है।





