मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता सुजीत कुमार राय की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को तमलुक अदालत ने एक नए मामले में उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 की एक घटना से जुड़ा है। उस समय पांशकुड़ा में तत्कालीन विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले के सामने हुए विरोध प्रदर्शन के बाद एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में शिकायतकर्ता शेख मुर्शेद ने आरोप लगाया कि उनसे दबाव बनाकर झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर सुजीत राय ने उनसे 35 हजार रुपये लिए और बाद में सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। आरोप है कि उन्हीं हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कई लोगों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया।
मुर्शेद ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सुजीत राय ने उन्हें वाहन में बैठाकर बंदूक दिखाकर चुप रहने की धमकी दी। इस संबंध में 30 जून को पांशकुड़ा थाने में सुजीत राय सहित छह लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
उल्लेखनीय है कि एक महिला से कथित तौर पर झूठा सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के आरोप में पुलिस ने 19 जून को सुजीत राय को गिरफ्तार किया था। उसी मामले में शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने नए मामले में हिरासत की मांग की। अदालत ने पुलिस की दलील स्वीकार करते हुए छह दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया।
इस मामले में तृणमूल नेता कुरबान शाह के भाई अफजल शाह ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ भी पहले झूठे मामले दर्ज कराए गए थे और अब सच्चाई सामने आ रही है। उन्होंने सुजीत राय के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पांशकुड़ा थाना प्रभारी शुभब्रत नाथ ने बताया कि बंदूक दिखाकर झूठा मामला दर्ज कराने के आरोप में नया मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच जारी है।
फर्जी एफआईआर मामले में तृणमूल नेता सुजीत राय छह दिनों की पुलिस हिरासत
Jul 5 2026 9:53AM
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