एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि 15 जून की रात करीब 11:30 बजे थाना बारादरी क्षेत्र के संजयनगर में अर्जुन पुत्र राकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अर्पित मौर्य, कपिल और कुश के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। आरोप है कि तीनों आरोपी अर्जुन को घर से बुलाकर मंदिर के पास स्थित तिराहे पर ले गए और वहां गोली मार दी।
तहरीर के आधार पर थाना बारादरी में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। गुरुवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के आरोपित अर्पित और कुश हारून नगला रोड के रास्ते कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक भरतौल की ओर से आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे।
पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोप है कि दोनों बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें अर्पित उर्फ पहाड़ी के पैर में गोली लग गई और वह गिर पड़ा। उसका साथी कुश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अर्पित उर्फ पहाड़ी पुत्र शोमेन्द्र मौर्य निवासी संजयनगर, थाना बारादरी के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने अर्जुन हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि दो दिन पहले उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अर्जुन की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि पुलिस पर फायरिंग और अर्जुन की हत्या में इसी तमंचे का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





