वह गुरुग्राम में गोल्ड बायर की दुकान चलाता है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बुधवार को बताया कि आरोपी व्यक्ति व युवती करीब डेढ़ साल से रिलेशन में थे। आरोपी के शादीशुदा होने का पता चलने पर दोनों में झगड़ा हो गया था।
पुलिस के अनुसार 19 जून 2026 को आर्टेमिस अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि दिव्या कटारिया नामक युवती को आग से झुलसने के कारण भर्ती कराया गया है। यहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार 19 जून 2026 को आर्टेमिस अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि दिव्या कटारिया नामक युवती को आग से झुलसने के कारण भर्ती कराया गया है। यहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया।
शुरुआत में दिव्या और उसकी मां ने कोई कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया था। 27 जून को इलाज के दौरान दिव्या की मौत हो गई। इसके बाद 30 जून को दिव्या के चचेरे भाई विकास कटारिया ने थाना सेक्टर-9 में शिकायत दी कि सुनील ने उसकी बहन को जबरन जलाया और धमकी दी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुनील ने बताया कि दिव्या डेढ़ साल पहले सोना बेचने दुकान पर आई थी। वहीं पर दोनों की दोस्ती और रिलेशन शुरू हुआ।
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुनील ने बताया कि दिव्या डेढ़ साल पहले सोना बेचने दुकान पर आई थी। वहीं पर दोनों की दोस्ती और रिलेशन शुरू हुआ।
शादीशुदा होने की बात पता चलने पर झगड़ा शुरू हो गया। आरोपी ने बताया कि 18 जून को दिव्या दुकान पर आई और झगड़े के दौरान उसने कैरोसिन अपने कपड़ों पर डाल लिया। झगड़ा सुलझाने के लिए दिव्या ने सोहना रोड स्थित सेंट्रल पार्क में फ्लैट बुक किया।
वहां पर बैठकर दोनों को बात करनी थी। रात को दोनों वहीं पर रुके। 19 जून की सुबह उनके बीच फिर झगड़ा हुआ और आरोपी ने दिव्या को आग लगा दी। आरोपी खुद दिव्या को आर्टेमिस अस्पताल ले गया, जहां से उसे सफदरजंग रेफर किया गया। पुलिस ने एक जुलाई को आरोपी को सेक्टर-9 से गिरफ्तार किया।
उसकी निशानदेही पर दुकान से कैरोसिन की बोतल और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान वारदात से जुड़े और सबूत जुटाए जाएंगे।





