देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान बीती देर रात को प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का शातिर गैंगस्टर घायल हो गया।
उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर की मोटरसाइकिल और गोकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए हैं। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात प्रेमनगर पुलिस दरू चौक के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काली मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वे चाय बागान की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों ने पितांबरपुर-बनियावाला मार्ग पर मोटरसाइकिल छोड़कर पैदल भागने का प्रयास किया।
पुलिस टीम के पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे पुलिस का सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जबकि उसका साथी नवाब फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
घायल बदमाश की पहचान रईस पुत्र नसीम निवासी खाताखेड़ी, सहारनपुर और हाल निवासी छुटमलपुर, सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक रईस सहारनपुर का गैंगस्टर है और प्रेमनगर क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई गोकशी की घटना में करीब दो वर्षों से वांछित था। इस मामले में उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में रईस ने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ टी-स्टेट और आसपास के क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा गोवंश की रेकी कर गोकशी की घटना को अंजाम देने के लिए देहरादून आया था।
पुलिस टीम के पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे पुलिस का सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जबकि उसका साथी नवाब फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
घायल बदमाश की पहचान रईस पुत्र नसीम निवासी खाताखेड़ी, सहारनपुर और हाल निवासी छुटमलपुर, सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक रईस सहारनपुर का गैंगस्टर है और प्रेमनगर क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई गोकशी की घटना में करीब दो वर्षों से वांछित था। इस मामले में उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में रईस ने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ टी-स्टेट और आसपास के क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा गोवंश की रेकी कर गोकशी की घटना को अंजाम देने के लिए देहरादून आया था।
पुलिस से बचने के लिए उसने मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट हटा दी थी। मामले में प्रेमनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपित के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गोकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।





