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मिक भट्टाचार्य पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर, जांच के आदेश

मिक भट्टाचार्य पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर, जांच के आदेश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पर वर्ष 2020 में हुए हमले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर थाने में अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने दस पन्नों की शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, नदिया और मुर्शिदाबाद में सरकारी जमीन से मिट्टी काटकर बेचने के मामले में कृष्णनगर अदालत ने अभिषेक बनर्जी समेत 30 लोगों के खिलाफ पुलिस जांच के निर्देश दिए हैं।

बॉबी ने डायमंड हार्बर थाने के प्रभारी निरीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 अक्टूबर 2020 को डायमंड हार्बर जाते समय शमिक भट्टाचार्य और उनके सहयोगियों पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह हमला अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर कराया गया था। शिकायत में अभिषेक के अलावा जहांगीर खान, सुमित राय, गौतम अधिकारी, शमीम अहमद समेत कुल 79 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।

उन्होंने कहा है कि हमले के बाद विष्णुपुर थाने को इसकी सूचना दी गई थी। बॉबी का आरोप है कि उस समय पुलिस ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने अपनी शिकायत की प्रति डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है।

इसी बीच सरकारी जमीन से अवैध तरीके से मिट्टी और पेड़ काटकर बेचने के मामले में कृष्णनगर अदालत ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत के अनुसार, कालिगंज निवासी बापन घोष ने 15 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2016 से नदिया के कालिगंज प्रखंड और मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर इलाके में फैली करीब 33 हजार बीघा सरकारी और निहित जमीन से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मिट्टी काटकर बेची गई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन पर मौजूद कई मूल्यवान पेड़ों को भी काट दिया गया। उसके मुताबिक, मिट्टी और पेड़ों की कथित अवैध बिक्री से भारी रकम की वसूली की गई और इस पूरे मामले में अभिषेक बनर्जी की प्रत्यक्ष भूमिका तथा संरक्षण था।

इस मामले में अभिषेक बनर्जी के अलावा कालिगंज की वर्तमान तृणमूल कांग्रेस विधायक अलिफा अहमद और पूर्व विधायक हसनुज्जमान शेख समेत कुल 30 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता के वकील शीर्षेंदु दास के अनुसार, मिट्टी और पेड़ कटाई को लेकर वन विभाग तथा स्थानीय पुलिस प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी गई।

सभी दस्तावेजों और दलीलों पर विचार करने के बाद कृष्णनगर अदालत ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। शिकायतकर्ता बापन घोष ने कहा कि वह लंबे समय से सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से बचाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं और अदालत के आदेश से उनका न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस विधायक अलिफा अहमद ने मामले को पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया है। उनका आरोप है कि यह मामला पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया है।

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