उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर्यटन विकास के साथ विरासत, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
समारोह में प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन (आईएएस), पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजेश कुमार शर्मा तथा एसएमएस स्कूल के निदेशक दामोदर प्रसाद गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ट्रैवल एवं उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिनिधियों, उद्यमियों, यात्रा प्रेमियों और पुस्तक प्रेमियों ने भी भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में राजेश कुमार शर्मा के सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना की गई।
इस कार्यक्रम के दौरान लेखिका सोनिया माहेश्वरी ने लेखक अंशु सर्राफ के साथ संवाद सत्र का संचालन किया, जबकि मंच संचालन अंकिता जैन ने किया।
संवाद के दौरान अंशु सर्राफ ने अपनी यात्राओं, ट्रैवल इंडस्ट्री के अनुभवों और पुस्तक लिखने की प्रेरणा साझा करते हुए कहा कि "यात्रा सिर्फ़ पासपोर्ट से नहीं, बल्कि एक उद्देश्य के साथ कीजिए।" उन्होंने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य यात्रियों को पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
लेखक ने यात्रियों से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, अपनी पानी की बोतल और कपड़े का थैला साथ रखने तथा पर्यटन स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर यात्री का प्रयास होना चाहिए कि वह जिस स्थान पर जाए, उसे पहले से अधिक बेहतर स्थिति में छोड़कर आए।





