मुख्यमंत्री ने दिल्ली पीएम-उदय योजना के पहले चरण के लिए केंद्र से मांगी 100 करोड़ की वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने दिल्ली पीएम-उदय योजना के पहले चरण के लिए केंद्र से मांगी 100 करोड़ की वित्तीय सहायता
नई दिल्ली। दिल्ली में संशोधित पीएम-उदय (प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनियों के विकास एवं उत्थान योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से प्रथम चरण में 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर यह वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को एक विज्ञप्ति करते हुए कहा कि 6 अप्रैल को अधिसूचित संशोधित विनियमों के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की प्रक्रिया को नया कानूनी आधार मिला है। इसके साथ ही 'जैसी स्थिति है, उसी आधार पर' अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की व्यवस्था लागू होने से लाखों लोगों को संपत्ति अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया और अधिक सरल एवं प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग को पीएम-उदय योजना के क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि नई जिम्मेदारियों के तहत राजस्व विभाग को दिल्ली के सभी 13 जिलों में पीएम-उदय प्रकोष्ठ स्थापित करने होंगे, जिनका नेतृत्व एडीएम करेंगे। इसके अलावा दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्तियों का भौतिक सत्यापन, आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटल मैपिंग तथा भू-अभिलेखों को अप-टू-डेट करने का व्यापक कार्य किया जाएगा। इन सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए वर्ष 2026-27 में प्रथम चरण के रूप में 100 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में प्रस्तावित व्यय का विस्तृत विवरण भी दिया है। इसके अनुसार 65 करोड़ रुपये डीआरआईएसएचटीआई पहल के तहत आधुनिक भू-सर्वे एवं मैपिंग प्रणाली विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे। इससे संपत्तियों के सत्यापन और भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बन सकेगी। इसके अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये से दिल्ली के 13 जिलों तथा मुख्यालय में पीएम-उदय प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे। इन प्रकोष्ठों के बिना निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा में संपत्ति संबंधी दस्तावेज और प्राधिकरण पत्र जारी करना संभव नहीं होगा। प्रस्तावित पैकेज में 10 करोड़ रुपये जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के लिए भी रखे गए हैं। इस राशि से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के साथ कार्यशालाएं, हेल्पडेस्क, मानक प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी, एडीएम की भूमिका, पात्रता संबंधी महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी तथा सिंगल विंडो शिविरों के माध्यम से लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से प्रथम चरण के लिए 100 करोड़ रुपये के इस पैकेज को स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संस्थागत ढांचा पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है और कार्य प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार से समय पर वित्तीय सहायता मिलने से दिल्ली के लाखों निवासियों को संपत्ति अधिकारों से जुड़े लाभ शीघ्र और सुगमता से उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने पीएम-उदय योजना के सफल क्रियान्वयन में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए इस प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय और आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है।

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