कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित
कोलकाता। सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। यह कदम सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून में किए जा रहे संशोधनों के अनुरूप उठाया गया है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक जैसे मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत पेपर लीक और परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी। साथ ही जांच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने और अपीलों का भी शीघ्र निस्तारण करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि पेपर लीक को अब सामान्य नकल का मामला नहीं, बल्कि संगठित अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए।
वर्ष 2024 की नीट परीक्षा में पेपर लीक के मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने माना था कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था और कुछ अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिला। हालांकि अदालत ने देशभर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश नहीं दिया, क्योंकि पूरे परीक्षा तंत्र के प्रभावित होने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने जवाबदेही तय करने और प्रभावी आपराधिक जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।
नीट पेपर लीक मामले की जांच के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए अनेक आरोपितों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किए हैं। माना जा रहा है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी।------------------





