बड़वानी । जिले में विगत वर्षों में कम वर्षा होने के कारण भू-जल
स्तर में आशानुरूप वृद्धि नहीं हुई है तथा आगामी ग्रीष्म में और अधिक
गिरावट होने की संभावना है। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने सम्पूर्ण जिले को जल
अभावग्रस्त घोषित कर पानी का उपयोग पीने व निस्तार के अलावा अन्य कार्यो
में करने को प्रतिबंधित किया है।
कलेक्टर डॉ.
राहुल फटिंग ने सोमवार को म.प्र. पेयजल परिरक्षण (संशोधित) अधिनियम 2002 के
अंतर्गत अन्य आदेश होने तक सम्पूर्ण जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित
कर जल स्त्रोतो कुए, तालाब, नदी, हेण्डपम्प, ट्यूबवेल से पेयजल एवं निस्तार
हेतु जल के उपयोग को छोड़कर अन्य उपयोग हेतु निम्नानुसार प्रतिबंध आदेशित
किया है।
जिले में प्राकृतिक रूप से (नर्मदा नदी को छोड़कर)
बहने वाली नदी-नालों तथा तालाबो में उपलब्ध पानी एवं भूमि सतह के नीचे
पानी का घरेलू उपयोग एवं पशु धन के रख-रखाव के प्रयोजन के अतिरिक्त पानी की
निकासी को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। उक्त अधिनियम में उपबंधित
नियमानुसार अपने क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अनुमति के बिना
तथा पूर्व से स्थापित नलकूप की 150 मीटर की त्रिज्या में कोई भी नलकूप खनन
नहीं करा सकेगा। बिना अनुमति अवैध उत्खनन के मामलों में उक्त अधिनियम में
उपबंधित नियमानुसार अपने क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व )
कार्यवाही करेंगे।
मप्रः बड़वानी जिला जल अभावग्रस्त घोषित











