कोलकाता,)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर शुक्रवार को लोगों ने जाेरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगजनी की और रेल लाइन जाम कर दिया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
मृतक की पहचान अलाउद्दीन शेख उर्फ अलाई शेख (30) के रूप में हुई है, जो बेलडांगा के सुजापुर कुमारपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र का रहने वाला था। वह रोजगार के सिलसिले में झारखंड गया था, जहां गुरुवार को उसके किराए के कमरे से शव बरामद हुआ। परिवार का आरोप है कि बंगाली और मुस्लिम होने के कारण अलाउद्दीन को प्रताड़ित किया गया, उसके साथ मारपीट हुई और बाद में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया।
घटना के विरोध में शुक्रवार सुबह से ही बेलडांगा इलाके में प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने डालखोला–बकखाली 12 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर टायर जलाए। यह राजमार्ग उत्तर बंगाल के लिए अहम संपर्क मार्ग है, जिसके बंद होने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया। कोलकाता से उत्तर बंगाल जाने वाले कई वाहन घंटों फंसे रहे।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से ने बेलडांगा रेलवे स्टेशन पर रेल अवरोध किया। लालगोला–सियालदह शाखा पर रेल सेवाएं बाधित रहीं। प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर बांस रखकर विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दूसरे राज्यों में बार-बार मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं करेंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग दो से तीन घंटे तक बंद रहा और रेल यातायात भी बाधित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और वह आम लोगों को सुरक्षा देने में विफल है।
वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी राज्य सरकार और पुलिस पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि हालात पर तुरंत काबू पाया जाए और अवरोध हटाकर सामान्य स्थिति बहाल की जाए।
फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि, पिछले साल अगस्त महीने में भी इसी तरह से वक्फ का कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में सड़कों पर उतरे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 118 हिंदू घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसी दौरान हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास को बर्बर तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था।-
झारखंड में प्रवासी मजदूर की मौत, बंगाल के मुर्शिदाबाद में लोगों ने किया उग्र प्रदर्शन
- आगजनी, सड़क और रेल अवरोध से मचा हड़कंप












