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मुर्शिदाबाद रेल हादसे में बड़ा खुलासा, नशे में ड्यूटी कर रहा था गेटमैन

मुर्शिदाबाद रेल हादसे में बड़ा खुलासा, नशे में ड्यूटी कर रहा था गेटमैन

कोलकाता,। मुर्शिदाबाद जिले के कर्णसुबर्ण रेलवे फाटक पर शुक्रवार सुबह हुए भीषण रेल हादसे की प्रारंभिक जांच में गेटमैन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस और रेलवे की शुरुआती जांच के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात गेटमैन कथित तौर पर शराब के नशे में था और ट्रेन आने की सूचना मिलने के बावजूद उसने रेलवे फाटक बंद नहीं किया। इस हादसे में तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, निमतिता-कटवा लोकल ट्रेन डाउन लाइन पर तेज गति से आ रही थी। गेटमैन को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन उसने समय पर फाटक बंद नहीं किया। फाटक खुला होने के कारण स्कूल वैन चालक ने रेलवे लाइन पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन ने वैन को टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ।

घटना के तुरंत बाद रेलवे ने गेटमैन को कर्तव्य में घोर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय भी वह नशे की हालत में दिखाई दे रहा था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित गेटमैन के खिलाफ पहले भी कई बार रेलवे अधिकारियों से शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि वह अक्सर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहता था। कई बार ट्रेन गुजरने के बाद भी वह रेलवे फाटक खोलना भूल जाता था, जिससे दोनों ओर लंबे समय तक जाम लग जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से आशंका थी कि उसकी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

हादसे में तीन स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीन छात्रों समेत चार घायल बहरमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बहरमपुर के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया हादसे के लिए गेटमैन की लापरवाही जिम्मेदार दिखाई देती है, लेकिन रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था की भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि गेटमैन स्थायी कर्मचारी था या बाहरी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था तथा उसे पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया था या नहीं।

पुलिस और रेलवे ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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