नए टैरिफ पर नॉर्वे ने जताई चिंता, अमेरिकी अधिकारी से की चर्चा

नए टैरिफ पर नॉर्वे ने जताई चिंता, अमेरिकी अधिकारी से की चर्चा

ओस्लो। नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वॉशिंगटन में अमेरिका के एक वरिष्ठ व्यापार अधिकारी के साथ हुई बातचीत के दौरान नॉर्वे ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर अपनी चिंता जताई।

मंत्रालय के अनुसार, नॉर्वे के राज्य सचिव एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने बुधवार को अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेफ गोटमैन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने टैरिफ और वैश्विक औद्योगिक उत्पादन क्षमता को लेकर अमेरिका की ओर से की जा रही जांच पर चर्चा की। 

 अमेरिका ने 24 जुलाई को नॉर्वे और यूरोपीय संघ (ईयू) समेत 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामान पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वॉशिंगटन का कहना था कि इन कदमों के पीछे एक वजह यह भी है कि इन देशों में जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त प्रतिबंध नहीं हैं। नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने बयान में कहा, "हम अमेरिका की ओर से एकतरफा तरीके से टैरिफ लगाने और इसके पीछे दी गई दलीलों से पूरी तरह असहमत हैं। 

क्राविक ने बैठक में जोर देकर कहा कि नॉर्वे के साथ यूरोपीय संघ से अलग व्यवहार करने का कोई आधार नहीं है।" ईडे ने बताया कि बैठक के दौरान क्राविक ने अमेरिका की ओवरकैपेसिटी जांच के आधार पर भी सवाल उठाए। इस जांच में नॉर्वे, यूरोपीय संघ और 14 अन्य देशों को शामिल किया गया है।

 बैठक में नॉर्वे और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की संभावना पर भी चर्चा हुई। ईडे ने कहा, "कोई भी समझौता नॉर्वे के हित में होना चाहिए। हम किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की टैरिफ नीति उन देशों के लिए भी अनिश्चितता पैदा कर रही है जिन्होंने पहले ही वॉशिंगटन के साथ समझौते कर रखे हैं। 

 बैठक के बाद नॉर्वे के राज्य सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेफ्री गोटमैन के साथ रचनात्मक बैठक हुई। हमने नॉर्वे और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की। मैंने नॉर्वे के खिलाफ सेक्शन 301 जांचों को लेकर अपने देश के कड़े विरोध को दोहराया। मैं इस मुद्दे पर आगे भी बातचीत जारी रखने की उम्मीद करता हूं।"

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