नई दिल्ली। ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रजा तलाइ-निक ने दावा किया है कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत बनी हुई है। पिछले एक साल में हथियारों और सैन्य उपकरणों का उत्पादन दोगुना हुआ है।
आईआरएनए के अनुसार, शुक्रवार देर रात एक साक्षात्कार में रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रजा तलाइ-निक ने कहा कि ईरान का रक्षा उद्योग राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य तैयारियों का एक महत्वपूर्ण आधार बन गया है। उन्होंने बताया कि देश में बने हथियारों और गोला-बारूद का तेजी से उत्पादन और जरूरत पड़ने पर उनकी तुरंत भरपाई करने की क्षमता इस उद्योग की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।
उन्होंने बताया कि ईरान की रक्षा उत्पादन क्षमता मैदान में हथियारों और सैन्य उपकरणों के इस्तेमाल के साथ-साथ लगातार काम करती रही है, जिससे जरूरत पड़ने पर आपूर्ति जल्दी बहाल की जा सकती है।
आईआरएनए के अनुसार, तलाइ-निक ने कहा कि 12 दिन के युद्ध के दौरान ईरान के रक्षा उद्योग के कुछ सीमित हिस्सों पर हमले हुए थे, इसके बावजूद पिछले एक वर्ष में रक्षा हथियारों और उपकरणों का उत्पादन दोगुना हो गया।
उन्होंने बताया कि हथियारों और सैन्य उपकरणों की स्थिर आपूर्ति बनाए रखने की क्षमता युद्ध के दौरान ईरान की मजबूती का एक महत्वपूर्ण कारण रही। उनके मुताबिक, इस क्षमता को सशस्त्र बलों, रक्षा मंत्रालय, ज्ञान-आधारित कंपनियों, निजी क्षेत्र की फर्मों तथा वैज्ञानिक और शोध संस्थानों के सहयोग से मजबूत बनाया गया है।
आईआरएनए के अनुसार, प्रवक्ता ने बताया कि संघर्ष के दौरान कुछ रणनीतिक रक्षा उत्पादों और युद्ध में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्रियों के उत्पादन में तीन गुना से भी अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले ईरान का रक्षा उद्योग केवल 31 बुनियादी उत्पाद बनाता था, जबकि आज देश एक हजार से अधिक उन्नत रक्षा प्रणालियां, हथियार और गोला-बारूद तैयार कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ ईरानी डिफेंस सिस्टम की प्रोडक्शन लागत, इसी तरह के विदेशी उत्पादों की तुलना में 20 गुना तक कम है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि हालिया संघर्ष के दौरान, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों का सैन्य बजट ईरान की तुलना में 100 गुना से भी अधिक था। इसके बावजूद ईरान इस संघर्ष का सामना करने में सफल रहा। उन्होंने इसका श्रेय देश की घरेलू उत्पादन क्षमता और राष्ट्रीय दृढ़ता को दिया।





