नई दिल्ली। यमन में ईरान के प्रॉक्सी समूह हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया। हूती विद्रोहियों ने शनिवार को दावा किया कि उसने दक्षिणी सऊदी शहर जाजान पर मिसाइल हमला किया है। समूह ने टेलीग्राम पर अपने अंसारुल्लाह मीडिया चैनल के जरिए यह दावा किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार रात से ही पोस्ट्स अपडेट की जा रही हैं। शनिवार सुबह तीन पोस्ट्स के जरिए पहले खतरे को लेकर सतर्क किया गया, फिर सब कुछ सामान्य होने की सूचना दी गई। हालिया पोस्ट में यानबू को लेकर अलर्ट किया गया है। यह बंदरगाह शहर व्यावसायिक दृष्टि से काफी अहम है।
यानबू पश्चिमी सऊदी अरब के मदीना प्रांत में लाल सागर तट पर स्थित एक औद्योगिक शहर है। लाल सागर पर जिद्दा के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। बेहद खूबसूरत द्वीप पर्यटन का मुख्य केंद्र है।
स्कूबा डाइविंग, कोरल रीफ्स और समुद्री गतिविधियों के लिए काफी पसंद किया जाता है, यही कारण है कि यमन से बढ़ती तल्खी के बीच इस क्षेत्र को लेकर सऊदी अरब काफी फिक्रमंद है।
दूसरी ओर, बिगड़ते हालात के मद्देनजर चेतावनी जारी की गई। दोनों ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं।
हूती समूह के चीफ नेगोशिएटर और प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने शनिवार को सऊदी अरब पर सना एयरपोर्ट बंद रखने पर जोर देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर रियाद ने अपनी नीति जारी रखी तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
अब्दुलसलाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सऊदी अरब बयानों और गलत यूएन प्रस्तावों के पीछे छिप रहा है और यमन पर आर्थिक नाकाबंदी बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि हूतियों की समुद्री नाकाबंदी की घोषणा 'नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी' के अभियान का 'सिर्फ पहला कदम' है।
उन्होंने सऊदी अरब को चेतावनी दी कि उसकी कार्रवाई की देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गंभीर नतीजे होंगे।
इससे पहले, हूती से जुड़े अल मसीरा टेलीविजन ने कहा कि सऊदी अरब ने यमन के होदेइदा पर हमला किया, जबकि अल अरबिया ने शहर में हथियार डिपो पर धमाकों की खबर दी। इसके साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लाल सागर के पोर्ट पर भी कई हमले हुए।
सऊदी प्रेस एजेंसी ने जनरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एक आधिकारिक सोर्स के हवाले से बताया कि शुक्रवार को लाल सागर में सफर करते समय सऊदी जहाज एनसीसी मासा पर हमला हुआ। इस हमले में मामूली मुकसान हुआ।
यह हमला ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों के बाब अल-मंडेब स्ट्रेट से सऊदी से जुड़े शिपिंग पर नौसेना की नाकेबंदी की घोषणा के चार दिन बाद हुआ।





