नई दिल्ली। जापान और ब्रिटेन के बीच मजबूत होते संबंधों के बीच ब्रिटेन की जापान में राजदूत जूलिया लॉन्गबॉटम ने कार्यकाल पूरा होने के बाद अपना पद छोड़ दिया। इस दौरान जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।
इससे आर्थिक सुरक्षा से जुड़े 'सिक्योरिटी क्लीयरेंस' सिस्टम की स्थापना में महत्वपूर्ण मदद मिली।
तकाइची ने कहा कि जापान में राजदूत के रूप में पांच वर्षों से अधिक समय तक जूलिया की समर्पित सेवा की बदौलत, 'मजबूत वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के रूप में जापान और ब्रिटेन के संबंध पहले से कहीं अधिक घनिष्ठ और मजबूत हुए हैं।
खासतौर पर इस वर्ष, उन्होंने जनवरी में पूर्व प्रधानमंत्री स्टार्मर की जापान यात्रा और जून में मेरी ब्रिटेन यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
इसके अलावा, जापान के विभिन्न क्षेत्रों की यात्राओं और अन्य प्रयासों के जरिए उन्होंने जापान-ब्रिटेन संबंधों को कई अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए लगातार मेहनत की।
इसके लिए मैं उन्हें अपना सम्मान और सराहना व्यक्त करता हूं। पीएम तकाइची ने कहा कि मैं जूलिया को उनके भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं देती हूं। आशा है कि अपने देश लौटने के बाद भी वे स्वस्थ, खुश और सफल रहेंगी।





