एडमोंटन। कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक गुरुद्वारे के अंदर एक शख्स ने दो लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार, घटना के समय गुरुद्वारे के अंदर शादी समारोह से पहले सुबह की प्रार्थना चल रही थी।
हमला किस वजह से किया गया इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिली है। पुलिस ने रंजिश के चलते हमले के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
मंदिर के प्रतिनिधि हरमीक सहगल ने बताया कि एक व्यक्ति गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और सुबह की उस अरदास में बाधा डाली जो दिन में बाद में होने वाली शादी से पहले की जा रही थी।
ग्लोबल न्यूज के मुताबिक, सहगल ने कहा, "वह अंदर आया और उसने हंगामा किया। हमारी सुबह की अरदास रुक गई। जो लोग अरदास कर रहे थे, उन्होंने उस व्यक्ति को देखा।
वह किसी सामान्य आगंतुक जैसा नहीं लग रहा था।"
सहगल के अनुसार, अरदास कर रहे लोगों ने शुरुआत में उस व्यक्ति से बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। वह किसी की बात नहीं सुन रहा था। इसलिए लोगों ने उसे शांत करने और काबू में करने की कोशिश की, लेकिन उसने विरोध शुरू कर दिया। उसी समय पुलिस को बुलाया गया। इसी झड़प के दौरान उसने दो लोगों को चाकू मार दिया।
सहगल ने कहा कि समुदाय के लोग अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि यह घटना क्यों और किन परिस्थितियों में हुई।
सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल के अंदर इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है।
संगठन ने पीड़ितों और एडमोंटन के सिख समुदाय के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की।
संगठन ने कहा कि गुरुद्वारे के अंदर हमला होना बेहद परेशान करने वाली बात है। हमारे गुरुद्वारे पूजा, सेवा और समुदाय के केंद्र हैं। हमारी संगत को सुरक्षित माहौल में और बिना किसी डर के यहां एकत्र होने का अधिकार है।





