‘ग्रांट-इन-एड’ घटक के तहत तैयार की गई कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत 175 बेरोजगार अनुसूचित जाति के युवक-युवतियों को अपना व्यवसाय शुरू करने या स्वरोजगार अपनाने के लिए 87.55 लाख रुपये की अनुदान (सब्सिडी) सहायता प्रदान की जाएगी। स्वरोजगार के साथ-साथ 290 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आज के बाजार की मांग के अनुरूप रोजगारपरक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ट्रेनिंग प्रतिष्ठित और अधिकृत स्वैच्छिक संस्थाओं के जरिए दिलवाई जाएगी ताकि युवाओं को आसानी से रोजगार मिल सके।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शासन से हरी झंडी मिलते ही लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के आधार पर किया जाए, ताकि योजना का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक समय पर पहुंच सके।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि विभाग इस कार्ययोजना को केंद्र सरकार के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए भेज रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वहां से स्वीकृति मिलते ही पात्र युवाओं के चयन, उनकी ट्रेनिंग और स्वरोजगार के लिए अनुदान बांटने का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का पूरा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा जाए।





