इंग्लैंड के सफर पर बोले रीस जेम्स- सपने ऐसे ही सच होते हैं

इंग्लैंड के सफर पर बोले रीस जेम्स- सपने ऐसे ही सच होते हैं

मियामी। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की भिड़ंत अर्जेंटीना से होनी है। इस मुकाबले से पहले इंग्लिश टीम के मिडफील्डर रीस जेम्स ने माना कि टीम का इस विश्व कप में अब तक का सफर सपनों के सच होने जैसा रहा है।

इंग्लैंड ने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। नॉर्वे के खिलाफ इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। पहले हाफ में एंड्रियास श्जेल्डरप ने गोल करते हुए नॉर्वे को मैच में 1-0 से आगे कर दिया था।

 हालांकि, इसके बाद जूड बेलिंगहम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर किया। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त समय में एक और शानदार गोल करते हुए इंग्लैंड को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया।

 इंग्लैंड ने चौथी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। रीस जेम्स इस मैच में बेंच से मैदान पर उतरे थे। टूर्नामेंट की शुरुआत में वह हैमस्ट्रिंग चोट से परेशान थे, लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर टीम के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

वह डिफेंस और मिडफील्ड दोनों में टीम को मजबूती दे रहे हैं। 'लायंस डेन कनेक्टेड बाय ईई' कार्यक्रम के दौरान जेम्स ने कहा, "सपने ऐसे ही सच होते हैं। हर छोटा बच्चा वर्ल्ड कप में खेलने का सपना देखता है और यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक के खिलाफ सेमीफाइनल खेलना बहुत खास पल है। 

हम यहां पहुंचकर बहुत खुश हैं।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बेलिंगहम के दो शानदार गोल जैसे पलों का मैच के दौरान आनंद ले पाते हैं, तो जेम्स ने कहा कि खिलाड़ियों के पास ऐसा करने का समय नहीं होता।

 उन्होंने कहा, "मैच के दौरान आपको खुशी मनाने के लिए कुछ ही सेकंड मिलते हैं। जैसे ही मैच खत्म होता है, पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर चला जाता है। हम पिछली जीत के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, क्योंकि सामने नई चुनौती होती है।" अब इंग्लैंड गुरुवार को अटलांटा में सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से भिड़ेगा। 

इस मुकाबले की विजेता टीम रविवार को होने वाले फाइनल में फ्रांस या स्पेन से भिड़ेगी। जेम्स ने कहा कि अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम और लियोनेल मेसी जैसे बड़े खिलाड़ी के खिलाफ खेलना आसान नहीं होगा, लेकिन उनकी टीम दबाव संभालना जानती है। उन्होंने कहा, "बड़े मैचों में दबाव ज्यादा होता है, लेकिन हम कई सालों से फुटबॉल खेल रहे हैं। मैदान पर खेल वही रहता है, बस इस बार जीत का इनाम बहुत बड़ा है।"

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