नई दिल्ली। कर्नाटक के रायचूर शहर में 35 एकड़ में फैले यकलसपुरा कूडे़ के पहाड़ को वैज्ञानिक तरीके से साफ कर हरित क्षेत्र में बदल दिया गया है। इस प्रक्रिया में 62,252 मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया गया और लगभग 22 एकड़ की कीमती शहरी भूमि को वापस हासिल किया गया।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने बताया कि इस जमीन पर अब मियावाकी जंगल विकसित किया जा रहा है। पांच जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस स्थल का उद्घाटन किया। उसी दिन से पौधारोपण शुरू हुआ और अब तक 60,000 पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें बांस और अन्य स्थानीय प्रजातियां शामिल हैं, जो मिट्टी को सुधारने, कार्बन सोखने, जैव विविधता बढ़ाने और हवा को शुद्ध करने में मदद करेंगे। अगले एक साल में यह इलाका पूरी तरह हरियाली से ढक जाएगा।
रायचूर सिटी कॉरपोरेशन ने इस परियोजना को 'टॉक्सिक वेस्ट टू इकोलॉजिकल वेल्थ' यानी जहरीले कचरे से पर्यावरणीय संपदा बनाने की सोच के साथ आगे बढ़ाया। इस काम में सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) और न्यू इंडिया स्पेस लिमिटेड ने स्थानीय निकायों की मदद की।
पहले यह डंपसाइट आसपास के लोगों के लिए बड़ी समस्या थी। कचरे से बदबू आती थी, गंदा पानी रिसता था और प्रदूषण फैलता था। अब वही जगह शहर के लिए एक मॉडल बन गई है कि किस तरह पुरानी डंपसाइट को साफ करके हरित क्षेत्र में बदला जा सकता है।
केंद्र ने कर्नाटक के रायचूर में कचरे के पहाड़ को हरियाली में बदला
Aug 18 2026 12:14PM
2 मिनट का रीड
163899
13





