गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी चिंताजनक बनी रही। गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने सार्वजनिक सलाह जारी कर आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और स्थिति में सुधार होने तक नदी से दूर रहने का का आग्रह किया है।
14,382 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है, जिससे कई जिलों में कृषि गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
गोलाघाट बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 54,085 लोग प्रभावित हुए हैं, इसके बाद शिवसागर (49,515), जोरहाट (27,842) और चराइदेव (21,486) का स्थान आता है।
शिवसागर, जोरहाट, लखीमपुर और चराइदेव से भी फसलों को भारी नुकसान होने की खबरें मिली हैं।
एएसडीएमए ने कहा कि नुमालीगढ़ में धंसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है, हालांकि राज्य में किसी भी नदी में बाढ़ का उच्चतम स्तर दर्ज नहीं किया गया है।
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में 133 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों को चालू रखा है।
कुल 10,111 विस्थापित लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 35,596 अन्य लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता मिल रही है।
राहत एजेंसियों ने प्रभावित परिवारों में चावल, दालें, खाद्य तेल, पशु चारा और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की हैं।
वहीं, बाढ़ से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। गोलाघाट और उदलगुरी जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि फिलहाल किसी के लापता होने की खबर नहीं है।
इस आपदा से 41,475 जानवर भी प्रभावित हुए हैं और 365 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 40 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
अधिकारियों द्वारा राहत, बचाव और पुनर्स्थापन अभियान जारी रखने के कारण बचाव दल संवेदनशील क्षेत्रों में नौकाओं और कर्मियों के साथ तैनात हैं।





