जयपुर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुभाष चंद्र यादव ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र, नालों, चारागाह और अन्य सरकारी भूमि से जुड़े कथित अतिक्रमणों की उच्चस्तरीय जांच तथा राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की प्रभावी पालना की मांग की है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ बांध का पुनर्जीवन जयपुर की जल सुरक्षा, पर्यावरण और भूजल स्तर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
यादव ने कहा कि यदि सरकारी भूमि, नालों या बहाव क्षेत्र में हुए कथित अतिक्रमण पुनरुद्धार कार्य में बाधा बन रहे हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने रामगढ़ बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण और निर्माण को लेकर हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने अगस्त 2026 में हाईकोर्ट की ओर से कैचमेंट क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अतिक्रमणों की सूची प्रकाशित करने और कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देशों का भी उल्लेख किया।
यादव ने एनआईएमएस संस्थान से जुड़े भूमि एवं निर्माण मामलों की राजस्व और प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि एनआईएमएस से जुड़े पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कैचमेंट क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अनधिकृत निर्माण संबंधी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।
उन्होंने जेडीए और संबंधित विभागों की भूमिका की समीक्षा कर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने, सरकारी एवं चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा रामगढ़ बांध के पुनरुद्धार में बाधक अवरोध हटाने की मांग की। यादव ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की पालना धरातल पर दिखाई देनी चाहिए और जनहित से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।





