भीलवाड़ा। री-नीट परीक्षा से महज तीन दिन पहले भीलवाड़ा में पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले एक छात्र को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपित टेलीग्राम चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को असली पेपर के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस आरोपित के बैंक खातों, नेटवर्क और ठगी के शिकार छात्रों की जानकारी जुटा रही है।
भीलवाड़ा पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित 19 वर्षीय आकाश चौधरी है, जिसे गुरुवार मध्य रात करीब एक बजे शहर के पटेल नगर स्थित उसके घर से पकड़ा। आकाश वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। जांच में सामने आया कि उसने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल बना रखा था, जिसके 52 सदस्य जुड़े हुए थे।
आरोपित अभ्यर्थियों को री-नीट परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर प्रत्येक पेपर के लिए चार-चार हजार रुपये वसूल रहा था। भुगतान के लिए वह क्यूआर कोड भेजकर अपने बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करवाता था।
प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहा है। साथ ही डीएसटी को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर स्थित एक मकान में रहने वाला युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देर रात दबिश देकर आकाश चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित टेलीग्राम चेनल के जरिए संगठित तरीके से फर्जीवाड़ा कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था। इसी माध्यम से वह टेलीग्राम अकाउंट संचालित कर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन, नीट की तैयारी संबंधी एक किताब और कई दस्तावेज जब्त किए। जांच में पता चला कि आकाश नीट की किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर तैयार करता था और उन्हें असली परीक्षा प्रश्नपत्र बताकर छात्रों को भेजता था।
पुलिस के अनुसार आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार करीब 25 वर्ष पहले रोजगार के सिलसिले में भीलवाड़ा आकर बस गया था। परिवार वर्तमान में पटेल नगर विस्तार क्षेत्र में रह रहा है। आकाश ने भीलवाड़ा में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर 12वीं पास की। इसके बाद वह जयपुर जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था।
थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और बैंक खातों के लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित ने अब तक कितने छात्रों को ठगा, खातों में कितनी रकम ट्रांसफर हुई और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे रैकेट और इसके संचालन के तरीके का बड़ा खुलासा हो सकता है।
री-नीट से पहले भीलवाड़ा में पेपर माफिया बेनकाब, टेलीग्राम पर चार हजार में बिक रहा था फर्जी प्रश्नपत्र
Jun 19 2026 5:42AM
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