केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग आज से शुरू होगी
देहरादून। श्री केदारनाथ धाम तीर्थयात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग शनिवार शाम 6 बजे से शुरू होगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने श्रद्धालुओं की सुगम और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रारंभिक चरण में 22 अप्रैल से 23 जून तक की यात्रा अवधि के लिए हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग उपलब्ध होगी।
इन टिकटों की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही की जा सकती है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य है।
इसी बीच, 2 अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम के 'रावल' (मुख्य पुजारी), श्रीश्रीश्री 1008 भीमाशंकर लिंग से शिष्टाचार भेंट की ताकि चारधाम यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने पूजनीय तीर्थस्थल के मुख्य पुजारी का स्वागत करते हुए यात्रा के लिए आभार व्यक्त किया और श्री केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण व विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे, सुरक्षा उपायों और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा का सुचारू और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी हर साल श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन, बेहतर कनेक्टिविटी, चिकित्सा सुविधाओं और आपदा तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले तीर्थयात्रा सत्रों से सीखे गए सबक को वर्तमान योजना में शामिल किया जा रहा है, और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित, आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से संतुष्टिदायक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
चर्चा के दौरान, दोनों पक्षों ने श्री केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रा प्रबंधन से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर विचार-विमर्श किया, जिनमें रसद, आवास, स्वच्छता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल हैं। आगामी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते समय श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को भी ध्यान में रखा गया।












