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एमबीबीएस फीस बढ़ोतरी मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा' झटका : डॉ. चीमा

एमबीबीएस फीस बढ़ोतरी मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा' झटका : डॉ. चीमा
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब में एमबीबीएस की फीस बढ़ाने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा झटका' करार दिया है।

डॉ. चीमा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा पहले ही महंगी है और ऐसे समय में सरकारी तथा निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में बढ़ोतरी से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 5.5 वर्षीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम की कुल ट्यूशन फीस 9.98 लाख रुपये से बढ़ाकर 10.83 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी कोटे की फीस 21.48 लाख रुपये से बढ़कर 25.22 लाख रुपये और प्रबंधन कोटे की फीस 55.25 लाख रुपये से बढ़कर 64.71 लाख रुपये कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ चिकित्सा शिक्षा महंगी कर रही है, जबकि दूसरी तरफ युवा डॉक्टरों को पर्याप्त वेतन और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध नहीं करा पा रही। उनके अनुसार सरकारी सेवा में कई युवा डॉक्टरों को करीब 50 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। डॉ. चीमा ने मांग की कि सरकार फीस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करे, मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता शुरू करे तथा युवा डॉक्टरों के लिए नियमित भर्ती, सम्मानजनक वेतन और स्पष्ट पदोन्नति नीति बनाए।

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