चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने राज्य की शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में वैशाली को 10 लाख रुपए का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने बताया कि 'चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम' (सीडीएस) के तहत 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को चुना जाता है और उन्हें प्रतिवर्ष अधिकतम 4 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है। इस राशि का उपयोग खेल पोशाक, उपकरण खरीद, विदेश में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए किया जाता है।
इसके अलावा 'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (एमआईएमएस) के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यह सहायता खेल उपकरण खरीदने, विदेश में प्रशिक्षण लेने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दी जाती है।
मंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए चलाई जा रही 'एलीट स्कीम' के तहत ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता दी जाती है।
इस योजना के तहत प्रत्येक खिलाड़ी को प्रतिवर्ष 30 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
इसी योजना के तहत तमिलनाडु की शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए 10 लाख रुपए की सहायता दी गई है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इस कार्यक्रम में युवा कल्याण और खेल विकास विभाग के सचिव सज्जन सिंह आर. चव्हाण, खेल विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव जे. मेघनाथ रेड्डी, जिला राजस्व अधिकारी आर. सुमन, महाप्रबंधक एल. सुजाता समेत कई सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।





