भारत की अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, विश्व जूनियर स्क्वैश फाइनल में पहुंचीं
21 साल बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली बनीं पहली भारतीय
ओंटारियो (कनाडा)। भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। वह वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
शुक्रवार को खेले गए महिला एकल सेमीफाइनल में दिल्ली की अनाहत ने मिस्र की तीसरी/चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने में सफल रही थीं। अब वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। यदि वह फाइनल जीतती हैं तो ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगी।
जीत के बाद अनाहत ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं। कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बार्ब के खिलाफ खेली थी और वह मुकाबला भी काफी करीबी था। मुझे पता था कि इस बार जीत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।"
उन्होंने कहा, "कल मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, इसलिए आज खुद को साबित करना जरूरी था। मैंने चार बार विश्व जूनियर चैंपियनशिप खेली है। पहले क्वार्टर फाइनल और फिर सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन इस बार फाइनल में पहुंचकर मेरे माता-पिता और कोच बेहद खुश हैं। हालांकि मेरा लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।"
अब फाइनल में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम से होगा। भारतीय स्क्वैश इतिहास में नया अध्याय लिखने के लिए अनाहत को अब सिर्फ एक जीत की जरूरत है।





