गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार गुवाहाटी और उसके आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही है, ताकि भविष्य की विकास परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक ढांचे के लिए उसे सुरक्षित रखा जा सके।
जगीरोड विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने धरमतुल क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन की पहचान की है, जिसका उपयोग आने वाले वर्षों में सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “हम जागीरोड और धरमतुल जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी जमीन की समीक्षा कर रहे हैं। इन जमीनों पर विभिन्न संस्थान, औद्योगिक एस्टेट, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सरकारी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
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मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता इन जमीनों को अतिक्रमण और अव्यवस्थित उपयोग से बचाना है।
उन्होंने कहा, “खासकर गुवाहाटी के आसपास के इलाकों में सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यहां करीब 300 बीघा सरकारी जमीन है। मैं आज खुद इसका निरीक्षण करने आया हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीन सुरक्षित रहे।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी तक इन जमीनों के लिए कोई विशेष परियोजना तय नहीं की गई है और फिलहाल ध्यान केवल संरक्षण और रणनीतिक योजना पर है।
उन्होंने कहा, “अभी इस जमीन के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। मुख्य उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के लिए इसे सही तरीके से सुरक्षित रखना है।
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मुख्यमंत्री के साथ मौजूद अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल के समय में कई जिलों में सरकारी जमीन की मैपिंग और सुरक्षा के प्रयास तेज कर दिए हैं, खासकर गुवाहाटी के तेजी से शहरीकरण वाले इलाकों में, जहां रियल एस्टेट विस्तार और अतिक्रमण का दबाव बढ़ रहा है।
राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में मध्य असम और गुवाहाटी महानगर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई बुनियादी ढांचा और औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणा की है।
जगीरोड अपनी रणनीतिक कनेक्टिविटी और राज्य की राजधानी के निकट होने के कारण एक प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव अब समाप्त हो चुके हैं और वह अब राजनीतिक चर्चा के बजाय शासन और विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “चुनाव खत्म हो चुके हैं। अब मैं राजनीति पर बात नहीं करना चाहता।”





